इस बजट में लाखों लोगों नें इनकम टैक्स छूट
की लिमिट 5 लाख किये जाने की उम्मीद लगा रखी है। परन्तु लाखों लोगों की उम्मीद से
परे इस बजट में इनकम टैक्स छूट की लिमिट में सिर्फ 50 हजार का इजाफा किये जाने की
संभावना जताई जा रही है। पिछले फाइनेन्सियल ईयर के बजट में इस स्लैब में कोई भी
बदलाव नही किया गया था। परन्तु इस बार के बजट में ऐसी उम्मीद है कि सेविंग
संबन्धित कुछ नये प्रोडक्ट्स का एलान किये जाने के साथ ही इनकम टैक्स छूट की लिमिट
में बढोत्तरी (2.5 लाख से 3 लाख) एवं 80-सी, 80-डी, HRA तथा चाइल्ड
एजुकेशन में मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को बढाया जा सकता है।
Tuesday, February 16, 2016
Saturday, January 9, 2016
सबसे तेज स्टीम इंजन की वापसी
इंग्लैण्ड में लगभग एक दशक
पूर्व बंद किया जा चुका, सबसे तेज 'द फ्लाइंग स्कॉट्समैन' नामक स्टीम इंजन पुनः पटरियों में दौङने लगा है।
इस इंजन की स्पीड लगभग 100 मील प्रति घंटे थी। यह इंजन लगभग 90 साल से भी ज्यादा
पुराना था, जोकि सन् 1923 में इंग्लैण्ड में बना था। इस इंजन को फिर से पटरियों
में दौङाने में लगभग 39 करोङ रूपये का खर्च आया है। इस इंजन ने एक बार में करीब
670 किलोमीटर का बिना रूके लगातार सफर किया था, जोकि स्टीम इंजन के लिहाज से एक अनोखा
रिकार्ड है।
Thursday, January 7, 2016
आँनलाईन शापिंग कितनी फायदेमंद या खतरनाक ?
आज के युग में इंटरनेट की दुनिया में आँनलाईन प्रोडेक्ट बेचने वाली
कंपनियों की बाढ आई हुई है और भारत देश में ये कंपनियाँ तेजी से अपना प्रसार भी कर
रही हैं। पर आँनलाईन शाँपिंग कितनी फायदेमंद है, इसके बारे में लोगों की राय
स्पष्ट नही है। आँनलाईन शाँपिंग की अधिकता के कारण ही कई कस्टमरों को कंपनियों से
धोखा भी मिल रहा है। हाल में ही चेन्नई में एक ऐसा ही वाक्या हुआ है, जिसके बाद से
तो यही कहा जा सकता है।
चेन्नई में रहने वाले एक शक्स ने फेमस आँनलाईन वेबसाईट अमेजन में 48020
रूपये की कीमत वाला एक गैलेक्सी नोट5 मोबाईल फोन आर्डर किया। जब डिलीवरी होने के
बाद उन्होने बाँक्स को खोला, तो उसमें मोबाईल के स्थान पर 3 रिन डिटर्जेन्ट रखे
हुये थे। जिसको देखकर वह दंग रह गये। उन्होने तुरन्त बिना देर किये हुये ही कंपनी
को ईमेल के माध्यम से सूचित करने के साथ ही सभी प्रयास कर लिये। परन्तु कंपनी की
ओर से उन्हे स्पष्ट रूप से यह कह दिया गया कि उनकी ओर से जब यह बाँक्स भेजा गया
था, तब बाँक्स पूर्ण रूप से सीलबंद था। अतः उनकी ओर से कोई भी गलती नही हुई है।
इसके साथ ही कंपनी ने पैसे वापस करने से भी मना कर दिया। इस घटना के बाद से वह
अपने आप को ठगा से महसूस कर रहे है।
Tuesday, January 5, 2016
फोल्ड स्क्रीन वाला स्मार्ट फोन
मोबाईल हब की मशहूर कंपनी सैमसंग बहुत जल्दी ही
मार्केट में एक ऐसा स्मार्ट फोन लाँच करने वाली है, जोकि बीच से फोल्ड (मुङ) हो जायेगा।
इस स्मार्ट फोन के मुङने की खाशियत के कारण इसमें सभी प्रकार के 3डी वीडियो आसानी
से देखे जा सकेगें। इसके अलावा कंपनी इस स्मार्ट फोन में प्रोजेक्टर को लगाये जाने
की सुविधा भी देगी। इस स्मार्ट फोन के फोल्डेबल स्क्रीन के मध्य में मुङने के लिए टूल
लगे होगें।
Tuesday, November 3, 2015
Whatsapp में करें Quick Reply
वाट्सऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए Whatsapp में अब नया फीचर जुङ गया है, जिसके जरिये अब किसी भी
मैसेज का जवाब सीधे नोटिफिकेशन से ही तुरन्त दिया जा सकेगा। यह सुविधा Whatsapp के नये वर्जन 2.12.10 में उपलब्ध होगी।
जानिये कैसे ?
अब तक वाट्सऐप में आने
वाले किसी भी नोटिफिकेशन को केवल मोबाईल स्क्रीन पर देखा जा सकता है, फिर सेन्डर
को रिप्लाई करने के लिए पहले Whatsapp को खोलना पङता था, फिर मैसेज का रिप्लाई किया जाता था। अब Whatsapp के इस नये वर्जन में मोबाईल स्क्रीन में
दिखाई देने वाले नोटिफिकेशन को सीधे ही खोला जा सकेगा और तुरन्त सेन्डर को जवाब
दिया जा सकेगा।
Thursday, October 15, 2015
अब बोलिए सुपरस्टार की आवाज में
Yedub App के जरिए अब आप अपने मनपंसीदा कलाकार की आवाज में अपने
डायलाँग बोल सकते हैं। येडब नामक इस ऐप को yepaisa ने बनाया है, जिसमें लम्बी डायलाँग लाइब्रेरी विभिन्न
कैटेगरी वाइस उपलब्ध है। इस लाइब्रेरी में अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, परेश रावल,
अमरीश पुरी, प्राण इत्यादि जैसे बहुत सारे फिल्मी कलाकारो की आवाज के डायलाँग है। इनमें
से आप अपने मनपसंद कलाकार की आवाज में अपने डायलाँग डब करा सकते है। इन डायलाँग पर
सेल्फी वीडियो बनाने की सुविधा भी इस ऐप में उपलब्ध है, जिसे सोशल मीडिया में शेयर
भी किया जा सकता है। येडब ऐप को गूगल प्लेस्टोर से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता
है।
Friday, October 9, 2015
अब मोबाईल से ही प्लेटफार्म टिकट
यूटीएस नाम के ऐप के माध्यम से अब प्लेटफार्म टिकट बनवाई जा सकेगी। रेलवे
द्वारा यह ऐप लाँन्च कर दिया गया है। इस ऐप के लाँन्च हो जाने से लोगो को घंटो
लाईन में खङे होने की समस्या से निजात मिलेगी। इस ऐप के जरिये एम0एस0टी0 एवं
क्यूएसटी भी बनवाई जा सकेगी। इस ऐप को विन्डों एवं ऐन्ड्रायड दोनो तरह के फोन पर
फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। भारत सरकार इस ऐप के जरिये पेपर लेस टिकट पर
जोर दे रही है। इस ऐप की भी यही खासियत है कि इसके जरिये बनी टिकट की ईमेज ही टिकट
के रूप में मान्य होगी। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस
ऐप को डाउनलोड करने के बाद आर0 वालेट जरूर डाउनलोड करना होगा। आर वालेट में पैसे
भरवाने होगें, जोकि रेलवे स्टेशन में मौजूद यूटीएस काउण्टर से भी भरवाये जा सकते
हैं। आर0वालेट में कम से कम रू0 100/- एवं अधिकतम रू0 5000/- भरवाये जा सकते है। आर0वालेट
में https://www.utsonmobile.indianrail.gov.in/RDS/login?1
से आँनलाईन रिचार्ज भी करवाया जा सकता
है। इस ऐप के माध्यम से कराई गई टिकट में टिकट की रकम के अलावा मामूली अतिरिक्त
चार्ज भी देना पङेगा।
विश्व डाक दिवस (World Post Day)
भारतीय डाक विभाग विश्व का सबसे बङा
डाकतंत्र है। डाक सेवाओं की उपयोगिता को देखते हुये यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की ओर
से प्रत्येक वर्ष 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। विश्व डाक दिवस
मनाये जाने का प्रमुख उद्देश्य डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं
से ग्राहकों को अवगत कराना , उन्हे जागरूक करना है। इसके अतिरिक्त भारतीय डाक
विभाग कई तरह के विविध कार्यों की सुविधा भी प्रदान करता है।
डाक इतिहास
भारत में डाक का इतिहास बहुत पुराना
है। देश में सन् 1766 में लार्ड क्लाइव ने पहली बार डाक व्यवस्था स्थापित की थी।
फिर सन् 1774 में वाँरेन हेस्टिंग्स ने कोलकाता में प्रथम डाकघर स्थापित किया। सन्
1852 में लेटर के ऊपर लगाये जाने वाले डाक टिकट की शुरूआत हुई थी।
विश्व डाक दिवस की शुरूआत
सन् 1874 में हेनरिक वाँन स्टेपहान,
जोकि उत्तर जर्मन परिसंघ के वरिष्ठ डाक अधिकारी थे, के सुझाव के आधार पर स्विटजरलैण्ड
सरकार ने 15 सितम्बर 1874 को बर्न में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,
जिसमें 22 राष्ट्रों ने भाग लिया। उसी वर्ष 9 अक्टूबर 1874 में जनरल पोस्टल यूनियन
के गठन के संबध में स्विटजरलैण्ड में सभी 22 देश नें एक संधि पर हस्ताक्षर किये
थे। इसलिए 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। 22 राष्ट्रों
के मध्य 9 अक्टूबर 1874 को हुई यह संधि 1 जुलाई 1874 को अस्तित्व में आई थी। 1
अप्रैल 1879 को जनरल पोस्टल यूनियन का नाम परिवर्तित कर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन
कर दिया गया। 1 जुलाई 1876 को भारत यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की सदस्यता लेने वाला
प्रथम एशियाई देश बना गया था। इसके पश्चात भारत में लगातार डाक सेवाओं का
प्रचार-प्रसार बहुत रफ्तार से आगे बढने लगा।
डाक सप्ताह
भारतीय डाक 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर
तक विश्व डाक सप्ताह के रूप में मनाता है। इस दौरान विभिन्न डाकघरों में सप्ताह के
प्रत्येक दिवस को अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित होते है एवं डाक विभाग की विभिन्न लाभदायक
योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत कराया जाता है।
डाकघर की विभिन्न योजनाएँ
भारतीय डाक विभाग डाकपत्रों को
गंतव्य स्थान तक पहुँचाने के अतिरिक्त. आम नागरिकों को अपनी विभिन्न योजनाओं के
माध्यम से बहुत सी सुविधाएँ प्रदान करता है। डाकघर सेविंग बैंक के रूप में भी
कार्य करता है। जिसमें डाकघर बचत खाता , 5 वर्षीय आवर्ती जमा खाता, सावधि जमा
खाता, मासिक आय खाता, लोक भविष्य निधि खाता, राष्ट्रीय बचत पत्र एवं वरिष्ठ नागरिक
बचन खाता इत्यादि कई महत्वपूर्ण योजनाएँ कार्य करती है। इसके अतिरिक्त डाक विभाग
स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री , पार्सल इत्यादि सुविधाएँ भी प्रदान करता है। कुछ समय
पूर्व सरकार की ओर से सुकन्या समृद्वि योजना भी प्रारम्भ की गई है।
आधुनिक युग में डाक विभाग
निश्चित रूप से आज के आधुनिक युग में
जहाँ लगभग सभी आम नागरिकों के पास मोबाईल सेवा उपलब्ध है, ऐसे में यह प्रश्न उठता
है कि डाक विभाग कितने दिन तक वजूद में रह पायेगा। इस स्थिति को ध्यान मे रखते
हुये डाक विभाग भी अपने सभी डाकघरों को वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से ढाल रहा
है और नागरिकों के लिए विभिन्न तरह की कई नई-नई फायदेमंद योजनाओं को क्रियान्वित
कर रहा है। भारत देश मे लगभग 1 लाख 55 हजार डाकघर कार्यरत है। डाक विभाग ही ऐसा
विभाग है जिसकी शाखा दूरस्त से दूरस्त गाँव में भी उपलब्ध है। डाक विभाग इसी का
फायदा उठाते हुये आधुनिक समय की रफ्तार से आगे बढ रहा है। धीरे-धीरे लगभग सभी
डाकघर कम्प्यूट्रीकृत किये जा रहे हैं। कुछ समय पूर्व डाक विभाग को पेमेन्ट बैंक
का लाईसेन्स भी प्राप्त हो गया है। बैंकिग योजनाओं के अतिरिक्त डाकविभाग बिजनेस
सुविधाओं की ओर भी खासा ध्यान केन्द्रित कर रहा है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि
आधुनिक युग में भी डाकविभाग पूर्ण रूप से अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोङते
हुये प्रतिस्पर्धा की दौङ में फिलहाल आगे बढने में सफल रहा है।
भारतीय डाक विभाग की ई-पुस्तक
भारतीय डाक विभाग की वेबसाईट http://www.indiapost.gov.in
से
डाक विभाग की ई- पुस्तक डाउनलोड
की जा सकती है। इस पुस्तक में स्वच्छ भारत अभियान, डाक-पार्सल, ई-वाणिज्य, डाक टिकट संग्रह, डाक जीवन बीमा इत्यादि के बारे में जानकारी उपलब्ध
कराई गई है।
डाकविभाग की ई पुस्तक यहाँ से डाउनलोड करें।
Thursday, October 8, 2015
क्या भारत में मिलेगा मुफ्त इंटरनेट ?
फेसबुक के सीओओ शेरिल सैंडवर्ग नें जुलाई माह में जब भारत का दौरा किया था, तभी यह साफ हो गया
था कि 1.28 करोङ के देश में फेसबुक के यूजर की संख्या को बढाने के लिए अपार
संभावनायें है। इसी को ध्यान में रखते हुये फेसबुक हर संभव प्रयास कर भारत में
अपना कारोबार स्थापित करना चाहता है। भारत में दुनिया के सबसे बढे कारोबार को
स्थापित करने की दृष्टि से ही फेसबुक द्वारा इंटरनेट डाँट ओ0आर0जी0 नामक वेबसाईट
स्थापित की गई है, जिसका मकसद भारत में गरीब तबके के लोगों को मुफ्त में इंटरनेट सुविधा
से जोङना है। जिससे भारत में फेसबुक यूज करने वालों की संख्या में ईजाफा हो सके। इसके
लिए फेसबुक को भारत में कंपनी आँपरेटर एवं सरकार के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसा
बताया जा रहा है कि इस वेबसाईट के जरिये हेल्थ, कैरियर, एजुकेशन, फेसबुक, मैसजिंग
जैसी सुविधायें मुफ्त में मिलेगीं। भारत के 6 राज्यों में इसका इस्तेमाल किया जाना
है, जिनमें तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, केरल, आँध्रप्रदेश और महाराष्ट्र शामिल
है। भारत में वर्तमान में 35 करोङ यूजर है, जबकि दुनिया में 12.5 करोङ फेसबुक यूजर
है।
Wednesday, October 7, 2015
7 वें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2016 से लागू किया जाएगा: वित्त सचिव
केन्द्र सरकार अपने कर्मचारियों के
वेतनमान में संशोधन करने के लिए हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है और
अक्सर इसमें हुये कुछ संशोधनों को बाद में राज्यों द्वारा अपनाया जाता है।
सातवें वेतन आयोग को केन्द्र सरकार
के लगभग 48 लाख कर्मचारियों के वेतन और करीब 55 लाख पेंशनरों में संशोधन किये जाने
हेतु न्यायमूर्ति एके माथुर की अध्यक्षता में दिसंबर 2015 तक रिपोर्ट प्रस्तुत
करने का समय दिया गया है।
यद्यपि अभीतक आयोग द्वारा वित्त
मंत्रालय को सातवें वेतन आयोग संबधी रिपोर्ट सौंपी नही गई है, फिर भी सरकार
राजकोषीय चिंताओं के प्रति जागरूक है। यह निश्चित है कि 1 जनवरी 2016 से सातवें
वेतन आयोग के लागू हो जाने के उपरान्त केन्द्र सरकार के खजाने में भारी बोझ पङेगा।
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